Nagar Nigam Haridwar क्षेत्र में मांस की दुकानों पर लगा प्रतिबंध, कई अहम प्रस्ताव पास, पार्षद अहसान अंसारी ने दर्ज कराई आपत्तियां

Nagar Nigam Haridwar की बोर्ड बैठक में शहर की व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में नगर निगम क्षेत्र से कच्चे मांस की दुकानों को बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके तहत सराय क्षेत्र में 56 दुकानों का निर्माण किया गया है, जहां इन दुकानों को शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।

हालांकि, बैठक में फिलहाल नॉनवेज होटलों को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। इस प्रस्ताव पर आगे विचार किए जाने की बात कही गई।

बैठक के दौरान निर्दलीय पार्षद अहसान अंसारी ने इस प्रस्ताव को लेकर कुछ आपत्तियां भी दर्ज कराई और कहा कि इस मामले में व्यापारियों और स्थानीय लोगों की राय भी ली जानी चाहिए।

स्थानीय पार्षद पार्षद अहसान अंसारी ने प्रस्ताव का विरोध किया करते हुए तर्क दिया कि नगर निगम क्षेत्र से बाहर दुकानों पर जिला पंचायत या ग्राम पंचायत के नियम लागू होंगे। ऐसे में नगर निगम सिर्फ किराया वसूल सकता है। इसके अलावा उसके पास कोई अधिकार नहीं होंगे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सिर्फ 56 दुकानें बनाई गई है जबकि मीट कारोबारी करीब 150 है बाकी कारोबारी क्या करेंगे इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वहां से मीट खरीद कर लाने वाले लोगों पर क्या प्रतिबंध होगा या नहीं या क्या जुर्माना लगाया जाएगा इसका भी उल्लेख नियमों में नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक ही जगह चिकन मटन सूअर का मांस और बफैलो मीट की दुकानें बनने से व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और लोग भी वहां खरीदारी करने नहीं जाएंगे।
इसके अलावा उन्होंने कहां की नगर निगम क्षेत्र की सीमा से लगे इलाकों में ही निर्माण किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा की मीट की दुकान जहां स्थानांतरित की जा रही है वह नगर निगम सीमा से एक से डेढ़ किलोमीटर दूर है जबकि नगर निगम की सीमा समाप्त होते ही कई मीट की दुकान मौजूद है ऐसे में लोग इतनी दूर को मीट खरीदने क्यों जाएंगे।

डेयरी संचालकों के लिए नियम : इसके अलावा बैठक में पशुपालन को लेकर भी नए नियम लागू करने का प्रस्ताव पास हुआ। अब नगर निगम क्षेत्र में पांच से अधिक दुधारू पशु रखने पर पशुपालकों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

डॉग लवर्स को झटका : साथ ही शहर में कुत्ता पालने के लिए भी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों को पालने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

नगर निगम का कहना है कि इन फैसलों से शहर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी और पशुपालन तथा पालतू जानवरों से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित किया जा सकेगा।