Uttarakhand

‘नगर विधायक ने अपने रिश्तेदारों के जरिए जुटाई अकूत संपत्ति’

— रिश्तेदारों और खास लोगों की संपत्तियों में कई सौ गुणा इजाफा
— कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने लगाए गंभीर आरोप
ब्यूरो। पूर्व शहरी विकास मंत्री और मौजूदा नगर विधायक मदन कौशिक पर महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि मदन कौशिक ने अपने रिश्तेदारों और खास लोगों के जरिए अकूत संपत्ति जमा की है। शहर की एक सामाजिक संस्था की ओर से जुटाई गई जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मदन कौशिक के 19 ऐसे रिश्तेदार और खास लोग हैं जिनकी संपत्ति पिछले कुछ सालों में कई सौ गुणा बढ़ गई है। ऐसे में इनकी बेनामी और नामी संपत्तियों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक मदन कौशिक पर कुंभ 2010 का प्रभारी रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में इन लोगों की संपत्तियों की जांच की जानी चाहिए।
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सीधे तौर पर मदन कौशिक पर हमला किया और उनके खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि जुलाई में 15 नुक्कड़ सभाएं और बूथ लेवल पर बैठकें कर जनता को विधायक के कारनामों से अवगत कराया जाएगा।

ये आरोप लगाए गए हैं
प्रंद्रह सालों के कार्यों का हिसाब दें मदन कौशिक
महानगर अध्यक्ष ने मदन कौशिक पर आरोप लगाया कि वो पिछले पंद्रह सालों से नगर के विधायक है ​लेकिन इन पंद्रह सालों में उन्होंने नगर के विकास में कोई योगदान नहीं दियाह है नगर में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि उनके पास अपनी उपल्ब्धि बताने के लिए कुछ नहीं है।

नगर निगम को दिवालिया बना दिया
उन्होंने कहा कि मदन कौशिक ने शहरी विकास मंत्री रहते हुए बिना किसी व्यवस्था के नगर पालिका को नगर निगम बना दिया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम की संपत्तियों की बंदरबांट शुरू कर दी। आज नगर ​निगम के पास अपनी आय के संसाधन नहीं है। कर्मचारियों को तनख्वाह देने के पैसे भी नहीं है। पूरी तरह से नगर निगम को दिवालिया बना दिया है।

विधायक निधि का किया दुरुपयोग
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक मदन कौशिक ने अपनी विधायक निधि का दुरुपयोग किया है। विधायक निधि को अपने चहेतों के माध्यम से खर्च किया गय। इसमें भी बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। जबकि शहर में सडकों से लेकर दूसरी व्यवस्थाओं का बुरा हाल है।

कुंभ का पैसा कहां गया
महानगर ​अध्यक्ष ने कहा कि कुंभ 2010 में केंद्र ने राज्य सरकार को भरपूर मदद की थी। लेकिन, बजट की बंदरबाट तब के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने की और एक भी निर्माण आज कुंभ 2010 का नहीं दिखता है। जबकि 2016 के अर्धकुंभ में केंद्र से कोई मदद ना मिलने के बाद भी कई स्थायी काम किए गए हैं जो पहचान बने हुए हैं।

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