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‘मैं बाहरी नहीं भारतीय हूं और राष्ट्र सेवा मेरा धर्म है’

ब्यूरो।
हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने स्थानीय उम्मीदवार का मुद्दा उठाने वाले विरोधियों को करारा जवाब देते हुए कहा कि मैं बाहरी नहीं बल्कि भारतीय हूं और राष्ट्र सेवा मेरा धर्म है। मैं हमेशा क्षेत्र की जनता के बीच रहा हूं और जो ये मुद्दा उठा रहे हैं उनके पास कोई जमीन नही हैं। उन्होंने कहा कि हम सब भारतीय हैं हमें आम जनता के विकास के लिए काम करना चाहिए। कई मसलों पर उन्होंने खुलकर बात की..आइये देखते हैं उन्होंने क्या कहा….

प्रश्न— स्वामी जी आपके कार्यकाल की उप​लब्धियां क्या रही।
उत्तर— रवासन नदी पर पुल मेरे घोषणापत्र में प्राथमिकता के तौर पर था। इसके लिए मैंने लंबा संघर्ष किया है। क्षेत्र की जनता ने मेरा साथ भी दिया। जलसत्याग्रह किया गया, विधानसभा में धरने पर बैठा और विधानसभा में हर बार सवाल उठाए। इसके अलावा 21 दिनों की भूख हड़ताल के बाद सरकार जागी। मेरे दबाव का ही नतीजा था कि सीएम हरीश रावत को पुल का काम शुरू कराना पडा। हालांकि इस पुल का प्रस्ताव पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के समय पास हो चुका था। लेकिन, फाइलों को आगे सरकाने में हर बार दबाव बनाना पड़ा। खैर इससे स्थानीय जनता को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में आईटीआई की स्थापना, वन्यजीवों से बचाव के लिए तारबाड का किया जाना और 17 सौ से अधिक सडकों का निर्माण मैंने किया है। वहीं क्षेत्र की जनता के हर सुख दुख में मैं उनके साथ रहा हूं। उनकी हर संभव मदद की हैं। लोगों का अपार प्यार ही मेरी सबसे बडी उपलब्धि है।

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प्रश्न— वर्तमान में हरिद्वार ग्रामीण की प्रमुख समस्याएं क्या हैं।

उत्तर— अभी भी कई समस्याएं हैं सबसे प्रमुख स्वास्थ्य और शिक्षा की समस्या है। एक बडे अस्पताल और लडकियों के लिए अलग विद्यालय खोला जाना चाहिए। इसके अलावा ​लालढांग क्षेत्र को विधानसभा के दूसरे क्षेत्रों के जोड़ने के लिए करीब डेढ किमी लंबा पुल बनना चाहिए। साथ ही लालढांग क्षेत्र में औद्योगिक स्थापना होनी चाहिए। ताकि यहां के लोगों को रोजगार मिल सके। चूंकि हम विपक्ष में थे इसलिए काम कराने के लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार सरकार भाजपा की बन रही है ऐसे में अगले कार्यकाल में इन सब कार्यों को पूरा कराया जाएगा।

प्रश्न— आप पर हाल ही में लोगों ने स्थानीय ना होने का आरोप लगाया और भाजपा से उम्मीदवार बदलने की मांग की।

उत्तर— मैं सिर्फ इस पर इतना कहना चाहता हूं मैं बाहरी नहीं हूं बल्कि भारतीय हूं और राष्ट्र सेवा मेरा धर्म है। मैं जनता की सेवा करता हूं और पिछले पांच साल मैंने यही किया है। इससे पहले भी मैं गुरुकुल छात्र संघ अध्यक्ष रह चुका हूं। विभिन्न संगठनों के माध्यम से काम किया है। गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष भी रहा हूं। पिछले पंद्रह सालों से क्षेत्र की जनता के लिए काम कर रहा हूं। जो मुझ पर आरोप लगा रहे हैं वो समाज को तोड़ने वाली विचारधारा पर काम कर रहे हैं। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक हिंदुस्तान हैं और हम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व निरंतर​ विकास की ओर अग्रसर हैं। इन लोगों ने मेरे खिलाफ तमाम प्रयास किए लेकिन जब कुछ नहीं मिला तो इन्होंने स्थानीय मुद्दा उठा दिया। इसमें कोई दम नहीं है क्षेत्र की जनता मेरे साथ हैं। जल्द ही इन्हें भी ये बात समझ में आ जाएगी।

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प्रश्न— पार्टी ने ग्यारह लोगों को नोटिस दिया था, अभी तक उन पर कार्रवाई नहीं हुई। आप इसे किस तरह देखते हैं।

उत्तर— ये संगठन के उपर हैं कि वो क्या करते हैं। मुझे इसकी चिंता नहीं हैं। जनता मेरे साथ हैं। पार्टी से उपर कोई नहीं है। अनुशासन से ही हम सब हैं। पार्टी जो भी फैसला लेगी मुझे मंजूर होगा। जिन्होंने विरोध किया है उन्हें सही मंच और सही तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। वो पार्टी के कार्यकर्ता हैं मुझे विश्वास है कि वो पार्टी के अनुशासन और विचारधारा को समझेंगे।
प्रश्न— इस विरोध के पीछे शहर विधायक मदन कौशिक और भाजपा नेता ओम प्रकाश जमदग्नि की भूमिका की संभावना को कैसे देखते हैं।
उत्तर— मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता हूं। सब पार्टी के लोग हैं और संगठन ही इस मामले को देख रहा हैं।

 

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प्रश्न—सीएम की बेटी अनुपमा रावत इस क्षेत्र से तैयारी कर रही हैं। आपको कोई चिंता तो नहीं है।

उत्तर— मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता चाहे सीएम खुद आकर यहां से लड लें। जनता इसका जवाब स्वंय देगी। हां ये जरूर है कि अपनी बेटी के लिए सीएम हरीश रावत सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं। आए दिन हरिद्वार ग्रामीण में रहते हैं। मैं उनसे कहना चाहतां हूं कि प्रदेश में और भी क्षेत्र हैं वहां भी ध्यान देना चाहिए।

 
प्रश्न— आपके क्षेत्र में खनन बडा मसला है आप इसे किस तरह से देखते हैं।

उत्तर— खनन को लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति नहीं है। इसका सीधा फायदा खनन माफियाओं को हो रहा है। खनन को लेकर साफ नीति का निर्माण जरूरी है। ताकि अवैध खनन को रोका जा सके और वैध खनन से गंगा के सटे गांवों को लाभ मिले। जो गांव खनन से प्रभावित हैं उन गांवों को रॉयल्टी दी जानी चाहिए। ताकि यहां का विकास हो सके। लेकिन, कांग्रेस सरकार को इसकी परवाह नहीं है। आज ​हालात ये है कि दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा के माफिया आकर यहां अवैध खनन कर रहे हैं। सरकार से सांठगांठ कर गंगा का दोहन किया जा रहा है। जबकि यहां के लोगों को इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है। हम सत्ता में आते ही खनन के लिए स्प्ष्ट नीति का निर्माण करेंगे।
प्रश्न—भ्रष्टाचार को कम कैसे किया जा सकता है।

उत्तर— राजा सही होगा तो प्रजा भी सही आचरण करेगी। भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए हमारे नेताओं और अधिकारियों को सही होना पडेगा। जैसा केंद्र में हमारे पीएम नरेेंद्र मोदी कर रहे हैं। ऐसा ही काम राज्य में करना होगा। ताकि भ्रष्टाचार से जनता को निजात दिलायी जा सके। साथ ही हमें स्वास्थ्य और शिक्षा के बाजारीकरण को भी रोकना होगा। ताकि आम आदमी पर इसका बोझ ना पडे।

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