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अमन-एकता हरियाली यात्रा: मंदिर—म​स्जिदों, आश्रम—मदरसों में किया जाएगा ये काम

ब्यूरो।
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और मौलाना महमूद असअद मदनी जी महासचिव, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के उत्कृट प्रयासों से तीन दिवसीय अमन-एकता हरियाली यात्रा का शुभारम्भ परमार्थ गुरूकुल में पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा रोपित कर किया और फिर रेलवे स्टेशन, ऋषिकेश में पौधों का रोपण कर आगे प्रस्थान किया।
अमन-एकता हरियाली यात्रा के प्र्रथम दिन परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमार, आचार्य और भारत सहित विश्व के अनेक देशों से आये श्रद्धालुओं मदरसों के छात्र, मौलाना और ईमाम आदि ने भारत के पूर्व वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली जी की स्मृति मंे रेलवे स्टेशन, ऋषिकेश में वृक्षारोपण किया।
तत्पश्चात यह यात्रा हरिद्वार-ज्वालापुर में 730 पौधे, सहारनपुर में 1900 पौधे, घोड़ेवाला, पुरकाजी, बरला, छपार, बागोवाला, मुज़फ्फरनगर में 2137 पौधे, शामली में 600, रूड़की और देवबन्द में 890 पौधों का रोपण करते हुये यह यात्रा आगे गांधी आश्रम किंग्सवे, कैम्प, दिल्ली बढ़ी।
आम, अशोक, तुन नीम, कदम, गुलमोहर, जामुन, अमरूद, शीशम, आंवला, लिपटस, गुड़हल, बोतल बाम, पहाड़ी तुन आदि पौधों के साथ ही छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया।
पर्यावरणविद्ों का दावा है कि ’’एक पौधा 50 सालों में लगभग 17Û50 लाख रूपये की आॅक्सीजन का उत्पादन करता है, लगभग 41 लाख रूपये के जल की रिसायक्लिग 35 लाख रूपये के वायु प्रदूषण का नियंत्रण करता है, एक वृक्ष, एक वर्ष में 3 किलो कार्बनडाय आक्साइड सोखता है, 3 प्रतिशत तापमान कम करता है और जमीन के कटाव को रोकता है। अतः प्रत्येक मनुुष्य को अपने जीवन काल में कम से कम सात वृक्षों का रोपण अवश्य करना चाहिये।’’ हम जो भी फल खाते हंै उसके बीजों को एकत्र करंे और जब भी घूमने के लिये निकलें तो उन बीजों को अपने पसंद के स्थान पर डालते चले जिससे मानसून के समय में वे बीज पौधों के रूप में विकसित होंगे और देखते ही देखते ये पौधे पेड़ बन जायेंगे। साथ ही एक और काम बहुत ही आसानी से किया जा सकता है कि नीम के पेड़ की निम्बोली को भी लगाया जा सकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’आओे मिलकर पेड़ लगायंे, हरा-भरा यह देश बनाये। वातावरण को स्वच्छ बनायें और इस जीवन को स्वच्छ बनाये।’’ ’’पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। पेड़ है तो प्राणवायु है। स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण के लिए वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करना नितांत आवश्यक है। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में वातावरण में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, अगर प्रकृति और पर्यावरण को प्रदूषित होने से नहीं बचाया गया तो वह दिन दूर नहीं जब बच्चों को स्कूल बैंग की जगह आॅक्सीजन सिलेंडर लेकर स्कूल जाना पड़ सकता है। बच्चों को स्कूल जाते वक्त स्कूल बैग की बजाए जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन गैस के छोटे छोटे सिलेंडर व मास्क अपने कंधों पर लटकाने पड़ेेगे़े इस तरह की परिस्थिति से निकलने का एकमात्र उपाय है कि अधिक से अधिक पौधें़ लगायें जायंे एवं उनका संरक्षण किया जायें। पेड़ -पौधों का रोपण कर ही पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है।’’
स्वामी जी महाराज ने कहा कि अमन-एकता हरियाली यात्रा के माध्यम से अमन एकता, सद्भाव, स्वच्छता और समरसता का सन्देश लेकर ऋषिकेश से राष्ट्रपति भवन जा रहे हंै मुझे विश्वास है यह यात्रा निश्चित ही आन्तरिक और बाह्म पर्यावरण म विलक्षण परिणाम लेकर आयेगी। वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के साथ हम भी एक-दूसरे की प्रकृति को समझे, प्यार और सहकार के रिश्तों में आने वाली सभी दीवारों को पाटते हुये तथा सभी दरारों को भरते हुये प्रकृति से प्रकृति का मिलन होने दंे; हम एक-दूसरे की प्रकृति को समझें और एक नई संस्कृति का निर्माण करें और वह संस्कृति अमन, एकता, सद्भाव, समरसता और भाईचारे की हो।
मौलाना महमूद असअद मदनी जी महासचिव, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने कहा कि हमारी यह यात्रा अमन-एकता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है। सभी साथ मिलकर इस पृथ्वी को और जल के भण्डार को शुद्ध रखने और बचाने के लिये तथा देश में स्वच्छता एवं सौहार्द लाना ही इस अमन-एकता हरियाली यात्रा का उद्देश्य है। अमन-एकता हरियाली यात्रा एक संदेश नहीं बल्कि यह मिलकर कार्य करने का एक मध्यम है। सभी मिलकर प्रथम चरण में तीन दिनों तक वृक्षारोपण अभियान चलायेंगे।
मौलाना जी ने कहा कि इस समय जल संकट और ग्लोबल वार्मिग की समस्यायें विकराल रूप ले रही है। अतः वृक्षारोपण के माध्यम से ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सरसब्ज भविष्य प्रदान कर सकते है। इस के माध्यम से केवल दरख्त (वृक्ष) ही नहीं लगंेगे बल्कि शक और शुबहोेें की दीवारे भी गिरेगी तथा दरारे भी भरेगी साथ ही इससे मुहब्बत का पैगाम पूरे विश्व में जायेंगा।
जिला हरिद्वार में मोहम्मद हारून कासमी, जिला सहारनपुर से मौलाना इब्र्राहिम क़ासमी, जिला मुज़फ्फरनगर से मुफ्ती बिन यामीन और कारी जाकिर हुसैन, जिला शामली से मौलाना आकिल कांधवली, परमार्थ निकेतन से सुश्री गंगा नन्दिनी, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा, इवा, डेविड, कमला, जहान्वी, मौलवी मोहम्मद आरिफ, मौलाना मोहम्मद हारून, मौलाना अरशद, मौलाना नसीम अहमद, मौलाना अलताफ रशीदि साहब, मौलाना मुबीन साहब, मौलाना शमशेर साहब, मौलाना इब्राहीम क़ासमी साहब, महद आयशा सिद्धका साहब, इस्माइल कुरैशी, मौलाना सरताज साहब, मौलाना मुहम्मद इरफान साहब, क़ारी मोहम्मद दिलशाद साहब, मौलाना इरफान साहब, क़ारी मोहम्मद अय्यूब साहब, ज़हीन अहमद साहब और अन्य अनेक मौलाना और इमामों ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान प्रदान किया।

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