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उत्तराखण्ड: हरिद्वार में महिला कांस्टेबल ने लगाई फांसी, थाने के मुंशी का नाम आया सामने, मुकदमा दर्ज

चंद्रशेखर जोशी।
हरिद्वार जनपद के झबरेडा थाना क्षेत्र में तैनात महिला सिपाही ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। महिला का शव सोमवार को उसके कमरे में ही रसाई में लटका हुआ मिला। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। महिला सिपाही मंजीता मूलरूप से चकराता देहरादून की रहने वाली थी, 2016 में उत्तराखण्ड पुलिस ज्वाइन की थी। वहीं परिजनों ने हरिद्वार पहुंच अपना विरोध दर्ज कराया और शव लेने से मना कर दिया था। बाद में पुलिस ने किसी तरह उन्हें मनाया। वहीं इस मामलें उत्तराखण्ड पुलिस के ही एक सिपाही का नाम सामने आया है। सिपाही बतौर मुंशी सिविल लाइन थाना रूडकी में तैनात है और उसके खिलाफ परिजनों की तहरीर के आधार पर आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुंशी पर महिला सिपाही को परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है।
एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अवूदई कृष्ण राज एस ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे उसकी ड्यूटी थी और ड्यूटी करने के बाद महिला सिपाही अपने कमरे में चली गई थी। किसी काम के कारण मंजीता को फोन किया गया था, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और बाद में उसका शव कमरे के किचन में लटका हुआ मिला। फिलहाल पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में परिजनों ने तहरीर देने की बात कही थी और तहरीर के आधार पर सिविल लाइन थाने के मुंशी परमिंदर असवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं मामले की जांच सीओ मंगलौर को सौंपी गई है। फिलहाल पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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पहले भी कर चुके हैं सुसाइड
इससे पहले भगवानपुर क्षेत्र के रहने वाले सिपाही ने भी आत्महत्या की थी। धनौरी चौकी में सिपाही ड्यूटी कर रहा था। वहीं बहादराबाद थाने में कुछ साल पहले एक महिला सब इंस्पेक्टर ने भी सुसाइड की थी। महिला दारोगा ने अपनी ड्युटी करने के बाद अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली थी।

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