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‘यूपी के माफिया करा रहे खनन का विरोध, सबूत मांगे तो साधी चुप्पी’

एसएन चौधरी।
हरिद्वार के स्टोन क्रेशर मालिकों की यूनियन खनन के विरोध के पीछे यूपी के माफियाओं का हाथ बताया है। इन्होंने आरोप लगाया कि हरिद्वार के विकास को रोकने के लिए यूपी के माफिया खनन—चुगान का विरोध करा रहे हैं। लेकिेन जब उनसे इसका सबूत देने के लिए कहा गया तो वो बंगले झांकने लगे। इतना ही नहीं अवैध खनन को लेकर कई अहम सवालों पर भी उनसे जवाब देते नहीं बना।
मातृ सदन गंगा रक्षा के लिए लंबे समय से आंदोलन करता आ रहा है। मातृ सदन गंगा में अवैध खनन से हो रहे नुकसान पर आवाज बुलंद करता रहा है। हाल ही में स्वामी शिवानंद भी तप कर रहे थे। इसे देखते हुए सरकार ने गंगा किनारे स्थित स्टोन क्रेशरों को हटाने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद भोगपुर और आस—पास के इलाकों में गंगा के किनारे स्थित स्टोन क्रेशर के मालिकों ने प्रेस क्लब में पत्रकारों के सामने अपना पक्ष रखा।
स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के अध्यक्ष निशांत भैरव ने कहा कि स्वामी शिवानंद जिस आदेश की बात कर रहे हैं, उसमें ऐसा नहीं कहा गया है कि पांच किमी की सीमा में स्थित स्टोन क्रेशरों को बंद करना है। बल्कि खनन नियमावली के अनुसार काम नहीं कर रहे स्टोन क्रेशरों पर कार्रवाई की बात कही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी के माफियाओं के इशारे पर हरिद्वार में खनन का विरोध हो रहा है। ताकि यूपी के माफियाओं को लाभ पहुंचाया जा सके। जब उनसे इसके सबूत मांगे तो वो सबूत नहीं दे पाए। स्टोन क्रेशर मालिकों की मांग है कि जल्द से जल्द खनन और चुगान को खोला जाए ताकि स्टोन क्रेशर सुचारू रूप से चल सके।

 

जब खनन बंद तो कैसे चल रहे हैं स्टोन क्रेशर
प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे पूछा गया कि पिछले लंबे समय से खनन बंद है। ऐसे में स्टोन क्रेशर कैसे काम कर रहे हैं तो उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कुछ निजी पट्टों और पुराने स्टॉक से काम चलाया जा रहा है। लेकिन निजी पट्टे इतने नहीं है कि उनसे लाखों टन क्षमता के स्टोन क्रेशर निरंतर काम करते रहे। वो इस बारे में कोई जवाब नहीं दे पाए।

 

अवैध खनन कौन करा रहा है
प्रेस वार्ता में निशांत भैरव ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ है। अवैध खनन पर कार्रवाई होनी चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि अवैध खनन इसलिए हो रहा कि स्टोन क्रेशर उनसे माल खरीदते हैं और महंगे दाम पर बेचते हैं तो इस पर भी वो कुछ नहीं बता पाए। हालांकि, जब उनसे कहा गया कि आप इस बात की घोषणा करें कि आप अवैध खनन से होने वाला उपखनिज नहीं खरीदेंगे। तो इस पर भी वो गोल मटोल बात करते नजर आए।

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