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हरिद्वार में घुसे हाथी ने महिला सहित दो को कुचला, मौत पर ग्रामीणों ने काटा हंगामा

चंद्रशेखर जोशी।

हरिद्वार में घुसे हाथियों के झुंड ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इनमे से एक महिला गई और एक पुरूष। वही दूसरी और ग्रामीणों ने लक्सर मार्ग पर जाम लगा दिया उर dfo हरिद्वार आकाश वर्मा को घेर लिया। साथ ही उन्हें काफी देर तक बंधक बना कर रखा गया। पुलिस ने हालत को क़ाबू करने का प्रयास किया।

मृतकों में पंजनहेड़ी गांव का सुरेंद्र कुमार और जियापोता village की बबिता शामिल है। सुरेंदर कुमार की जहां मौके पर ही मौत हो गई वही बबिता ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वही इसके बाद गुसाय ग्रामीणों ने जाम लगा दिया एऔर हाथी को मारने की मांग की। बताया जा रहा है कि हाथी को बेहोश कर पकड़ने के प्रयास किये जा रहे है।
अभी हरिद्वार के लोग गुलदार के आतंक से बाहर भी नहीं आ पाए थे कि हरिद्वार में हाथियों का झुंड घुस आया। पथरी थाना क्षेत्र के पंजनहेडी गांव में हा​थियों का झुंड शुक्रवार रात से था। वहीं एक टस्कर हाथी गन्ने के खेत में सुबह से छुपा हुआ था। वन विभाग की टीमों ने देर शाम तक गांव के लोगों को घर से बाहर ना निकलने के लिए मुनादी कराई थी।

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इसलिए आते हैं हाथी 
वन विभाग के मुताबिक सर्दियां आते ही ग्रामीण इलाकों में राजाजी पार्क से निकलकर हाथियों का आना शुरू हो जाता है। जो अक्सर इंसानों के बीच टकराव की मुख्य वजह बन जाता है। सुरक्षा दीवार ना होने के कारण किसान भी हाथियों से खासे परेशान रहते हैं क्योंकि उनकी फसल को नुकसान पहुंचता है। वहीं दूसरी ओर कई बार हाथी भी मौत के आगोश में समा जाते हैं।
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शहर में दीवार बनने से मिली राहत 
हालांकि भेल परिसर में भी पिछले सालों तक हाथी आते रहे हैं। लेकिन इस बार वन विभाग ने टूटी दीवार पर फेंसिग कर दी है। इससे लोगों को राहत मिली है। हरिद्वार वन प्रभागीय अधिकारी आकाश वर्मा ने बताया कि शहर में हाथियों के आने का खतरा कम हो गया है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी समस्या बनी हुई है। हमारी टीमें दोनों जगह तैनात है।
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गुलदार की दहशत जारी
शहर में गुलदार की दहशत जाती है। राजेंद्र प्रसाद को मारने वाले गुलदार का अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। हालांकि चार पिंजरे उसके लिए लगाए गए हैं। जबकि कैमरे भी लगाए गए हैं। वहीं कुछ लोग गुलदार को लेकर अफवाह भी फैला रहे हैं। इसको लेकर कार्रवाई करने की बात वन विभाग कर रहा है।

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