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एक अक्टूबर से नहीं मिलेगा सस्ता राशन, इस योजना के विरोध में डीलर करेंगे हडताल

करण खुराना।
प्रदेश के राशन डीलर एक अक्टूबर से हडताल पर जा रहे हैं। राशन डीलरों की मांग है कि राशन पर मिलने वाली सब्सिडी उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाए जो राशन की दुकानों से गेहूं, चावल, और चीनी खरीदें। इस मांग को लेकर प्रदेश के करीब 9200 राशन डीलरों ने हडताल कर दुकानें बंद रखने का ऐलान किया है। इससे उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नहीं मिल पाएगा।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड सरकार ने एपीएल कार्ड जिन्हें आम भाषा में पीले कार्ड भी कहा जाता है, उनके हिस्से की सब्सिडी सीधे खाते में डालने का ऐलान किया है। अब इन उपभोक्ताओं को राशन की दुकानों से राशन नहीं मिलेगा। सिर्फ सब्सिडी के तौर पर एक नवंबर से प्रतिमाह 185 रुपए इनके खातों में आ जाएंगे। अभी तक इन उपभोक्ताओं को प्रति कार्ड पांच किलो चावल और दस किलो गेहूं मिलता था जबकि चीनी मार्च से सरकार ने बंद कर दी थी।
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सिर्फ गरीबों को मिलेगा सस्ता गल्ला
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से अब सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को ही राशन मिलेगा। इन्हें प्रति यूनि दो रुपए किलो गेहूं और तीन रुपए किलो चावल मिलेगा। इनके खातों में सब्सिडी डालने का सरकार का अभी प्लान नहीं है। हालांकि बताया जा रहा है कि इसे दूसरे चरण में लागू किया जाएगा।

 


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क्या कर रहे हैं मांग
उत्तराखण्ड राजकीय उचित दर विक्रेता परिषद के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि हम सब्सिडी देने के विरोध में नहीं है। लेकिन सरकार को सब्सिडी उन्हीं उपभोक्ताओं को देनी चाहिए जो राशन की दुकानों से राशन खरीदें। ऐसे में राशन डीलरों को भी नुकसान नहीं होगा। अब सरकार ने पूरी तरीके से एपीएल उपभोक्ताओं जो कि सबसे ज्यादा हैं उनका राशन खरीदने से साफ इनकार कर दिया है। लिहाजा अब उन्हें राशन नहीं मिलेगा। ऐसे में राशन डीलरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पडेगा। लिहाजा, सभी राशन डीलरों ने एक अक्टूबर से हडताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। जब तक सरकार इस पर ठोस निर्णय नहीं लेती, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

 

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