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देश की महारत्न कंपनी बीएचईएल को पूर्व विधायक ने ललकारा

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देश की महारत्न कंपनी बीएचईएल को पूर्व विधायक ने ललकारा
— बीएचईएल के अधिकारियों पर लगाया प्रापर्टी डीलरों से मिलीभगत का आरोप
— बीएचईएल ने दिया नोटिस, विधायक ने कहा कि कोर्ट में दिए जाएंगे सबूत
एमएस नवाज, एसके तिवारी
हरिद्वार।
देश की महारत्न कंपनी बीएचईएल की हरिद्वार यूनिट के अधिकारियों पर पूर्व विधायक और ट्रेड यूनियन लीडर ने प्रोपर्टी डीलरों से मिली भगत कर बीएचईएल की भूमि की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। वहीं आरोपों से भन्नाए कंपनी के अधिकारियों ने पूर्व विधायक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया और सबूत देने की बात कही। लेकिन, विधायक ने बीएचईएल को कोर्ट में जाने की चुनौती दे दी और कह दिया कि सबूत कोर्ट में पेश किए जाएंगे।
बीएचईएल की हरिद्वार यूनिट में श्रमिक यूनियनों के मान्यता के चुनाव चल रहे हैं। इस चुनाव में कांग्रेस के पूर्व विधायक और यूपी में एमएलसी रहे रामयश सिंह की ट्रेड यूनियन हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन भी चुनाव लड़ रही है। रामयश की यूनियन ने बीएचईएल अपने प्रचार के लिए पर्चे श्रमिकों को बांटें। इन पर्चों में कंपनी की जमीनों पर लगातार हो रहे अवैध कब्जों को लेकर अधिकारियों पर सीधा आरोप लगाया गया था। यूनियन का आरेाप था कि बीएचईएल के अधिकारी प्रोपर्टी डीलरों के साथ मिलकर कंपनी की भूमि पर कब्जे करा रहे हैं। इस पर्चे के सामने आने के बाद बीएचईएल के अधिकारी आग बबूला हो गए। कंपनी के नगर प्रशासक अतुल कुमार सक्सेना,जिस पर कंपनी की भूमि की देखरेख करने की जिम्मेदारी है, ने पूर्व विधायक को नोटिस दे दिया। नोटिस देकर नगर प्रशासक अतुल कुमार सक्सेना ने पूछा कि आपके पास इसके क्या सबूत हैं। इस तरह के आरोपों से कंपनी की छवि धूमिल होती है। इसलिए ​अपना लिखित जवाब कंपनी को दें। लेकिन, विधायक भी अपने बात पर अड़िग है। उन्होंने कंपनी को दो टूक कह दिया कि उनके खिलाफ बीएचईएल कोर्ट जा सकती है। कोर्ट में ही वो उन आरोपों का जवाब और सबूत पेश कर देंगे। पूर्व विधायक की इस चाल के आगे अब बीएचईएल प्रबंधन भी बगले झांक रहा है। क्योंकि बीएचईएल अपनी बेशकीमती जमीनों को बचाने में पूरी तरह असफल रहा है। बीएचईएल की कई एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं और कंपनी के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अगर अब कंपनी के अधिकारी अपने उपर लगे आरोपों को लेकर कोर्ट में जाते हैं तो उल्टा घिर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर इस मसले को लेकर पूर्व विधायक अपनी ट्रेड यूनियन को चुनावी फायदा दिलाने की फिराक में लग गए हैं।
हमने भेल के अधिकारियों पर प्रोपर्टी डीलरों से ​मिलीभगत कर जमीनों की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर बीएचईएल ने हमसे जवाब मांगा था। हमने बीएचईएल को कोर्ट में जाने की सलाह दी है। हम इन सबूतों को कोर्ट में ही पेश करेंगे।
रामयश सिंह, पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष, वर्कर्स ट्रेड यूनियन।

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