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केरल जैसे हादसे की संभावना ? जिम्मेदार कौन— बीएचईएल, सतपाल महाराज या पिटकुल

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केरल जैसे हादसे की संभावना ?
जिम्मेदार कौन— बीएचईएल, सतपाल महाराज या पिटकुल
एसके तिवारी।
केरल के मंदिर में हुए अग्निकांड की पुनरावृत्ति हरिद्वार में भी हो सकती है। क्योंकि नियमों को ताक पर रखकर भाजपा नेता सतपाल महाराज ने 132 केवी की विद्युत लाइन के नीचे सद्भावना सम्मेलन का पंडाल लागया है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम को करने की अनुमति किसने किस आधार पर दी, ये बड़ा सवाल है। हमारी जांच में बीएचईएल के अधिकारियों ने कार्यक्रम की अनुमति देने की बात कबूल की हैं, जबकि पॉवर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन आॅफ उत्तराखण्ड लिमिटेड—पिटकुल के अधिकारी अब इस मामले में कन्नी काट रहे हैं। वहीं सतपाल महराज के समर्थक नियमों को ताक पर रख कार्यक्रम की तैयारी में लगे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
भगत सिंह चौक के पास बीएचईएल की जमीन पर सतपाल महाराज को तीन दिन के लिए सद्भावना सम्मेलन आयोजित करने की अनुमति दी गई है। लकड़ी का ढांचा तैयार कर विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है। जबकि इस पंडाल के ठीक उपर  पॉवर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन आॅफ उत्तराखण्ड लिमिटेड—पिटकुल की 132 केवी लाइन जा रही है। नियमों के मुताबिक 132 केवी लाइन के चारों तरह 27 मीटर की दूरी में किसी भी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए। क्योंकि हाई टेंशन लाइन पलक झपकते ही इसकी रेंज में आने वाली प्रत्येक वस्तु को स्वाह करने में सक्षम है। इतना ही नहीं लोड के कारण विद्युत लाइन की तार ढीली भी पड़ती हैं। इन सब खतरों के बावजूद सतपाल महाराज को किस आधार पर अनुमति दी गई, ये बताने को कोई राजी नहीं है।
बीएचईएल के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अपर महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार ने बताया कि सतपाल महाराज को नियमों को पूरा करने के बाद कार्यक्रम की अनुमति दी गई है। हालांकि, उन नियमों के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं उर्जा निगम के अधिकारी भी इसे गलत मान रहे हैं। उत्तराखण्ड पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड—यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता बीएस पंवार ने बताया कि उनके स्तर से ये अनुमति नहीं दी जाती हैं ना ही यूपीसीएल ने बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है। लेकिन, 132 केवी लाइन के आसपास ऐसे कार्यक्रम को अनुमति देना गलत है। ये खतरे से खाली नहीं है। वहीं पिटकुल के एसडीओ नीलम पोखरियाल ने बताया कि वे इतने बड़े कद्दावर नेता के सामने खुद को असहाय पा रही हैं। अपना पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी उन्होंने अपने सीनियर अधिकारियों को दे दी है।

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