कोरोना जांच की बाध्यता: हरिद्वार में पांच हजार कमरों की बुकिंग हुई कैंसिल, आंदोलन का ऐलान

चंद्रशेखर जोशी।
कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोरोना की आरटीपीसीआर जांच और पंजीकरण की बाध्यता वाले नियम के बाद होटल व्यवसाय को भारी नुकसान उठाना पडा है। होटल कारोबारियों के मुताबिक एसओपी के चलते करीब पांच हजार कमरों की बुकिंग मौनी अमावस्या के स्नान पर कैसिंल हुई, जिससे होटल कारोबारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ।
होटल कारोबारियों ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर एसओपी में ढील दिए जाने की मांग करते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। बजट होटल एसो. के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि कुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट एवं पंजीकरण की बाध्यता अव्यवहारिक है जिसके विषय में जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया था तथा उनसे यह अपेक्षा की गयी थी कि ऐसे अव्यवहारिक नियमों में शिथिलता प्रदान की जानी चाहिए और कुम्भ मेले को सीमित किया जाना चाहिए। अप्रैल माह में ही पड़ने वाले पर्वों, स्नानों के लिए नोटिफिकेशन जारी होना चाहिए।


पहले जिला प्रशासन ने मौनी अमावस्या की एसओपी जारी की थी जिसमें कोरोना जांच को बाध्य नहीं किया गया था, लेकिन बाद में मेला की एसओपी जारी हो गई जिसमें बाध्यता वाला नियम था और सही प्रचार ना होने के कारण यात्री पसोपेश में रहे और करीब पांच हजार कमरों को कैसिंल कराया गया। होटल एसो. हरिद्वार के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आशुतोष शर्मा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार का पर्यटन व होटल व्यवसाय के प्रति नजरिया उपेक्षा भरा रहा है। यही स्थिति कुम्भ के आयोजन को लेकर सरकार के रवैये में नजर आ रही है। जिस तरह केन्द्र सरकार ने एसओपी जारी की है उससे पर्यटन व्यवसाय चौपट हो गया है जबकि कुम्भ मेले को लेकर होटल एवं ट्रैवल्स व्यवसासियों को बड़ी आशा थी लेकिन सरकार के नये-नये नियमों के कारण होटल एवं पर्यटन व्यवसाय को लगातार नुकसान हो रहा है। आशुतोष शर्मा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में जारी एसओपी को निरस्त कर दिव्य, भव्य कुम्भ मेले में तीर्थयात्रियों के आने का मार्ग प्रशस्त करे।
होटल एसोसिएशन आफ हरिद्वार के अध्यक्ष विभाष मिश्रा ने बताया कि होटल व्यवसाय पहले से ही बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है और सरकार ने हमें कोई छूट नहीं दी। बिजली का बिल हो या फिर अन्य टैक्स हमें लगातार देने पड रहे हैं। अब कुंभ में काम अच्छा होने की आशा थी लेकिन सरकार के कोरोना जांच की बाध्यता के बाद हम हताश हैं। सरकार को जल्द ही इसमें राहत देनी चाहिए, अन्यथा हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता बजट होटल एसो. के संरक्षक विनोद शर्मा और संचालन अखिलेश चैहान ने किया। बैठक में मुख्य रूप से अशोक कुमार, राजेन्द्र अग्रवाल, योेगेन्द्र शर्मा, राकेश अग्रवाल, आशीष शर्मा, अमित कुमार, दीपक शर्मा, लक्की आहुवालिया, प्रवीण शर्मा, दीपक कपूर, धीरज नेगी, उमाशंकर पाण्डे, सचिन भारद्वाज, आकाश जैन, आदित्य, अंशुल जैन, सनिक मेहता, तारालाल, चन्द्रकान्त शर्मा, रामविलास आदि उपस्थित रहे।

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