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चाय—पानी के लिए नर्सों की बगावत या साजिश का हिस्सा, कर्मचारी नेता की भूमिका संदिग्ध, होगी कार्रवाई

चंद्रशेखर जोशी।
कोविड अस्पताल में तैनात नर्सों ने शनिवार को नियम कायदों को ताक पर रखकर क्वांरटीन सेंटर के भीतर पत्रकारों को बुलाया और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों पर कई तरह के आरोप लगा दिए। नर्सों का आरोप है कि वार्ड में उन्हें पानी नहीं मिल रहा है और उन्हें चाय भी अपनी खरीद कर पीनी पड रही है। यही नहीं उन्होंने हाल ही में कोरोना संक्रिमत नर्स के लिए अगल से वार्ड की मांग भी कर डाली। नर्सों की मांग थी कि स्टॉफ के कोरोना मरीजों को अलग से रखा जाए, उन्हें अन्य कोरोना मरीजों के साथ ना रखा जाए। लेकिन बडा सवाल है कि सिर्फ चाय—पानी के लिए नर्सों की कौन सी मजबूरी थी कि उन्हें पत्रकारवार्ता करनी पड गई, जबकि अपनी समस्या के लिए सीनियर अफसरों को भी बताया जा सकता था। जबकि क्वांरटीन सेंटर में कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकता है।
वहीं पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी नेता की भूमिका सामने आ रही है।  उधर, स्वास्थ्य विभाग नर्सों को विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में मामला ना लाने और प्रेस वार्ता कर माहौल खराब करने के मामले में नोटिस जारी करने जा रहा है।

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क्या कहती है नर्स
नर्सेज एसोसिएशन हरिद्वार की अध्यक्ष सुधा तिवारी ने बताया कि नर्सो के साथ बुरा व्यवहार हो रहा है। उनकी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और कोरोना मरीज नर्स को अलग वार्ड में नहीं रखा गया है। यही नहीं मरीजों और नर्सों के लिए पानी व चाय की व्यवस्था भी नहीं हो रही है। हालांकि सभी नर्सों का कहना है ​कि उन्हें नोडल आफिसर और सीएमओ से दिक्कत है जबकि अस्पताल के सीएमएस डा. राजेश गुप्ता से कोई शिकायत नहीं है, वो उनकी बात सुन लेते हैं। लेकिन बडा सवाल ये है कि अस्पताल के सबसे करीब रहने वाले सीएमएस डा. राजेश गुप्ता को भी शिकायत करने से नर्सें क्यों चूक गई। वहीं सीएमओ पर सिर्फ फोटो खिंचवाने का भी आरोप लगाया।

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कर्मचारी नेता की भूमिका संदिग्ध
सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में विभाग के एक कर्मचारी नेता की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। ये कर्मचारी नेता ड्यूटी से ज्यादा विभागीय राजनीति में स​क्रिय रहता है। इसमें सीएमओ दफ्तर के भी कुछ कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है, जो स्वास्थ्य विभाग के एक अफसर को एक लक्ष्य के तहत टारगेट करने की रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। इससे पहले भी कर्मचारी नेता की ​शिकायते मिल चुकी हैं। गौरतलब है कि हरिद्वार में कुछ समय पहले भी स्वास्थ्य विभाग में एक पद को लेकर लॉबिंग की खबरें सामने आई थी। आपको बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार से स्वास्थ्य विभाग के लिए भारी बजट आता है जो कई योजनाओं पर खर्च होता है।

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क्या कहती है सीएमओ
सीएमओ डा. सरोज नैथानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की हर समस्या का ख्याल रखा जा रहा है। लेकिन, नर्सों को कोई दिक्कत थी तो मुझसे सीधे बात कर सकती थी या फिर सीएमएस डा. राजेश गुप्ता को कह सकती थी। लेकिन क्वांरटीन सेंटर में इस तरह पत्रकारों को बुलाकर आरोप लगाना सही नहीं है। इससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का हौंसला पस्त होता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। साथ ही क्वांरटीन सेंटर में बिना अनुमति प्रवेश करने पर भी कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

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