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बिना दवा ईलाज का दावा, हरिद्वार में खुलेगा विश्व का पहला सेंटर

राकेश वालिया।
जगजीतपुर स्थित काॅस्मिक रिवाईवल केंद्र का संत महापुरूषों ने निरीक्षण किया और जल्द ही हीलिंग पद्धति द्वारा व्यक्ति की बीमारियों का उपचार करने वाली थैरेपी की जानकारी प्राप्त की। हरिद्वार के जाने माने डा. अजय मगन ने दावा किया है कि उन्होंने जटिल रोगों का इलाज बिना दवाईयों के जरिए किए जाने वाली पद्धति काॅस्मोथैरेपी का अविष्कार किया है। अपनी सालों की कडी मेहतन के बाद डा. अजय मगन अब हरिद्वार में विश्व का पहला काॅस्मोथैरेपी सेंटर खोलने जा रहे हैं। संत महापुरूषों ने डाॅ.अजय मगन के विचार पर सहमति जताते हुए कहा कि यह चिकित्सा पद्धति अति प्राचीन है जो भारत के ऋषि मुनियों द्वारा अनादि काल से अपनायी जा रही है। कनखल-जगजीतपुर मार्ग पर चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ सितम्बर माह के अंत में किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर में हरिद्वार में बडा कार्यक्रम कर विश्व के तमाम लोगों को इस पद्धति से अवगत कराया जाएगा। कनखल स्थित अपने काॅस्मिक रिवाइवल सेंटर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डा. अजय मगन ने कहा कि सनातन परंपरा में हजारों साल पहले इस पद्धति के बारे में विस्तार से बताया गया था। लेकिन, हमारे इस ज्ञान पर आधुनिक चिकित्सा पद्धति जिसका इतिहास महज दो सौ साल पुराना है ने बुरा असर डाला। क्योकि हम अपने ऋषि मुनियों के ज्ञान को आगे नहीं बढा पाए। लेकिन अब मैंने तमाम रिसर्च और लंबे अध्ययन के बाद काॅस्मोथेैरेपी एवं काॅस्मो हीलिंग से बिमारियों का बिना दवाईयों के इलाज करने की पद्धति को विकसित किया है। इससे जटिल बिमारियों का इलाज भी हो सकता है साथ ही लोगों में सकारात्मक उर्जा का संचार करने के लिए भी ये पद्धति रामबाण साबित होगी। इस दौरान कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि और महंत रूपेंद्र प्रकाश ने उन्हें इस थैरेपी का विकास करने के लिए आशीर्वाद दिया और कहा कि जनकल्याण के लिए ये पद्धति मील का पत्थर साबित होगी। महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने कहा कि आज के भागदौड भरे जीवन में खुद को सकारात्मक रखना बहुत चुनौतीपूर्ण है। ऋषिमुनियों की चिकित्सा पद्धति को अपनाकर रोगियों का इलाज करना बेहतर परिणाम देगा। उन्होंने ये भी कहा कि राज्यों और केंद्र सरकारों को भी काॅस्मोथैरेपी के प्रचार-प्रसार के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा विद्यमान है। परन्तु व्यक्ति ज्ञान के अभाव के कारण भौतिक कष्टों से घिरता जा रहा है। हीलिंग पद्धति द्वारा व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा को जागृत कर उसके भीतर की बीमारियों से निजात दिलाना ही काॅस्मो थैरेपी का उद्देश्य है। जिससे भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में भारत का डंका बज सके। इस अवसर पर आचार्य स्वामी संजीव महाराज, स्वामी शिवानन्द, स्वामी परमानन्द, महंत हनुमान बाबा, श्रीमती पूजा मगन, नितिन वालिया आदि भी मौजूद रहे।

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