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अर्द्धकुम्भ मेला विफल होने की बजह हरिद्वार के चारों और बने शनि मंदिर

432274346-swarupananda-saraswati_6हरिद्वार  ।
द्वारका शारदा पीठ और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज का कहना है कि हरिद्वार में अर्द्धकुम्भ मेले में भीड नहीं आने और अर्द्धकुम्भ मेला विफल होने की बजह हरिद्वार के चारों और बने शनि मंदिर है और यही बजह है की हरिद्वार का अर्द्धकुम्भ मेला विफल हो रहा है । शंकराचार्य का कहना है की हरिद्वार में जहां से भी आयो वाही शनि बैठा हुआ है और हरिद्वार  के ऊपर  भी शनि बैठ गया है  इतना बडा अर्द्धकुम्भ हो रहा है मगर यहाँ कोई आ ही नहीं रहा है।क्योंकि शनि की दृष्टि खराब होती है और अगर शनि में कुछ नहीं है तो वहां जाते क्यों हो और अगर कुछ है तो अनिष्टकारी है।शंकराचार्य कहते है की उत्तराखंड में 2013 में आई आपदा के बजह शनि के साथ ही यहाँ आने वाले लोगों द्वारा विलासितापूर्ण जीवन जीने के लिए लोगों का यहाँ आना भी बजह है । शंकराचार्य कहते है की की उत्तराखंड में लोग पिकनिक मनाने आते थे ,शराब पीकर अनर्थ करने आते थे और धारी देवी को भी डूबा दिया गया था  जिसे गंगा की बर्दाश्त नहीं कर पायी और उत्तराखंड में आपदा आई ।

द्वारका पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद द्वारा साईं पूजा और शनि पूजा का विरोध किये जाने पर देश भर में बडे पैमाने पर हो रही निंदा और हो रही बयानबाजी पर शंकराचार्य कहते है की वे अपनी निंदा से दुःख नहीं होता है और अगर किसी को उनका बयां आपत्तिजनक लगता है तो वे उसका समाधान करने के लिए तैयार है ।मगर इसके बाद भी शंकराचार्य कहते है की शनि के यहाँ स्त्रियों को ले जाने से किसी को कोई लाभ नहीं होगा  उलटा उनका अनिष्ट ही होगा और तृप्ति देसाई उनका नेतृत्व कर रही है तो कही न कही उनको भी इसका नुक्सान होगा और महिला समाज पर भी इसका असर होगा । शंकराचार्य कहते है की शनि की पूजा नहीं की जाती है बल्कि  शांति की जाती है । स्वरूपानंद कहते है कि महिलाओं के साथ रेप की घटनायों से  दुखी है और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सस्था बनकर अभियान चलाया हुआ है और यह संस्था नशा कर  करने वालों को रोकने का कार्य कर रही है । वे आह्वान कर रही है की तृप्ति देसाई को महिलायों के कल्याण के लिए चलाये जा रहे उनके कार्य में सहयोग करना चाहिए ।

शंकराचार्य कहते है की साईं को कहते है की भगवान् और चमत्कारी है मगर शिर्डी में ही सूखा पडा हुआ है  पनि के लिए लोग तरस रहे है और लोगों के गेस्ट हाउस बंद होने लगे है और अगर वे भगवान् है तो वह पर चमत्कार क्यों नहीं दिखा रहे है । वे कहते है की साईं के नाम पर अन्धविश्वास फैलाया जा रहा है । वे कहते है की साईं को बडी बडी मुर्तिया लगा कर हमारे पर चोट पहुंचाई जा रही है मगर इसपर कोई नहीं बोलता है । वे कहते है की वे भ्रामक बातो को दूर  करने का कार्य कर रहे है । वे कहते  साईं ट्रस्ट के लोग पैसा दिखाते है आज उनके पास 13 अरब रुपया है और इसमें विदेशों से भी पैसा आ रहा है मगर इस पैसे से  समाजसेवा का कार्य नहीं किया जा रहा है बल्कि इससे साईं की मूर्तियों को स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है ।

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