Breaking News Haridwar Latest News Uttarakhand Viral News

कोरोना: हरिद्वार के करीब तीन हजार सैंपल लटके, कब आएगी रिपोर्ट, क्या कहते हैं अफसर पढिए

चंद्रशेखर जोशी।
राज्य में कोरोना मरीजों का आंकडा बढता ही जा रहा है। गुरुवार शाम आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक 1153 कोरोना पॉजिटिव केस आ चुके हैं, जबकि दस लोगों ने अपनी जान भी गंवाई हैं। हालांकि 286 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया जा चुका है। लेकिन, सबसे बडी चुनौती सरकार और प्रशासन के सामने टेस्टिंग की है। सरकारी आंकडे बताते हैं कि कोरोना के छह हजार नौ सौ बीस सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है, इनमें से सबसे ज्यादा दो हजार नौ सौ नब्बे हरिद्वार से हैं। इससे भी ज्यादा परेशान करने वाली बात ये है कि हरिद्वार के इन सैंपलों की रिपोर्ट पिछले कई दिनों से लटकी है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार सैंपल रिपोर्ट भेजने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन टेस्टिंग की क्षमता सीमित है और सैंपल का लोड ज्यादा।

——————
क्या कहते हैं जिलाधिकारी हरिद्वार
जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर ने बताया कि हरिद्वार से काफी सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। इनमें से अधिकतर एम्स ऋषिकेश की लैब में हैं। हमने इस बाबत शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को अवगत कराया है। साथ ही संबंधित लैब के प्रबंधन से भी बात की है। लेकिन वहां भी सैंपल का लोड ज्यादा है। चूंकि हरिद्वार में भी लगातार सैंपलिंग हो रही है, ऐसे में हम सैंपलों को दिल्ली या दूसरी लैब भेजे रहे हैं। लेकिन हर जगह लोड ज्यादा है। ऐसे में हम नई रणनीति बना रहे हैं।

गुरुवार चार जून का सरकारी बुलेटिन

——————
क्या कहती है सीएमओ
सीएमओ हरिद्वार डा. सरोज नैथानी ने बताया कि करीब तीन हजार सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है और यदि हमारी रिपोर्ट नहीं आती है तो ये आंकडा लगातार बढता जाएगा। वहीं हम हरिद्वार में भी दो मशीने लगा रहे हैं। ताकि यहां भी कुछ सैंपल की जांच हो सके। कुछ सैंपल हमने दिल्ली भेजे थे लेकिन वहां भी लोड ज्यादा होने के कारण उन्होंने लेने से मना कर दिया। हालांकि, अब हम सिर्फ उन्हीं लोगों का सैंपल ले रहे हैं, जिनमें खांसी या बुखार के लक्षण हैं। इससे सैंपल का भार कम हो जाएगा।

——————
हरिद्वार में 19 कंटेनमेंट जोन
आबादी के लिहाज से बडा जनपद हरिद्वार में कोरोना के कई ऐसे मरीज मिले हैं जिनकी कोई ट्रेवल हिस्टृी नहीं है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि स्थानीय स्तर पर संक्रमण का विस्तार हो चुका है। सीएमओ डा. सरोज नैथानी ने बताया कि हाल ही में कुछ केस ऐसे आए हैं जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। ऐसे में ये बता पाना मुश्किल है कि इन लोगों को संक्रमण कहां से हुआ। ऐसे में ये साफ है कि कम्युनिटी ट्रांसमिशन से इनकार नही किया जा सकता है। वर्ततान में हरिद्वार में 19 कंटेनमेंट जोन हैं यानी वो जोन जहां किसी तरह की गतिविधि पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है और यहां के लोगों को इस इलाके से बाहर भी नहीं आने दिया जाता है। 19 कंटेनमेंट जोन कम नहीं होते हैं और अब जबकि सैंपल की रिपोर्ट में देर हो रही है और विभाग ने सैंपल भी लेने कम कर दिए हैं तो सामाजिक दूरी और बार—बार हाथ धोना व मास्क का उपयोग ही हमें भविष्य के संक्रमण से बचा सकता है।

—————
सरकार क्या कर रही है
लॉकडाउन के बाद से ही ये कहा जा रहा था कि राज्य में टेस्टिंग की क्षमता बढायी जाएगी। शुरूआती दौर में सैंपल रिपोर्ट ज्लद ही आ जा रही थी। लेकिन जैसे—जैसे संक्रमण बढता गया, रिपोर्ट लटकती रही। खासतौर पर प्रवासियों के आने के बाद सैंपल बढे तो स्थापित लैब पर लोड बढ गया। वर्तमान में राज्य में छह लैब हैं जहां सैंपल हो रहे हैंं। इनमें से एक लैब का शुभारंभ तो बुधवार को ही दून के इंडियन इंस्ट्यिूट आफ पेट्रोलियम में हुआ है। इसी बीच गुरुवार चार जून को सरकार ने चडीगढ की एक लैब से भी एमओयू किया है, जिससे रिपोर्ट जल्दी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि एक सप्ताह पहले शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्रेस वार्ता में कहा था कि हम जल्द ही निजी सेक्टर की लैब को टेस्टिंग के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। फिलहाल सरकार के दावों और लटकते सैंपल रिपार्ट को देखने के ​अलावा कोई चारा हमारे पास नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.