Breaking News Haridwar Latest News Tehri Garhwal Uttarakhand Viral News

उत्तराखण्ड: टिहरी के युवक ने लगाई थी ट्रेन में आग, कारण सुनकर चौंक जाएंगे आप

चंद्रशेखर जोशी।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर खडी ट्रेनों में लगातार तीन दिनों तक ट्रेन में आग लगाने वाले आरोपी युवक को जीआरपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी टिहरी गढवाल का रहने वाला है और बैंक में अपना एकाउंट खोलना चाहता था, जिसके लिए उसके पास आधार कार्ड या कोई दूसरा दस्तावेज नहीं था। इस कारण उसने परेशान होकर ट्रेन में आग लगाने की घटनाआं को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
————
क्या था घटनाक्रम
एएसपी जीआरपी मनोज कत्याल ने बताया कि 26 नवंबर को उदयरपुर—हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाने का प्रयास किया गया था। इसके बाद 27 नवंबर को हरिद्वार—ऋषिकेश में भी ऐसा ही प्रयास हुआ। लेकिन इस ट्रेन में आग लग गई और एक बोगी आग से स्वाह हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की ​थी। वहीं दूसरी ओर 28 नवंबर को भी दून हावडा एक्सप्रेस में ऐसा ही प्रयास किया गया। तभी जीआरपी और रेलवे के अधिकारियों को पता लगा तो आरोपी को प्लेटफार्म से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की शिनाख्त गोविंद सिंह निवासी मजाफ पट्टी, जिला टिहरी गढवाल के तौर पर हुई है। आरोपी के कब्जे से पेट्रोल, कपडा और ब्लेेड भी बरामद किया गया है।

——————
कैसे लगाता था आग
जीआरपी थाना प्रभारी अनुज सिंह ने बताया कि पुलिस ने बताया कि आरोपी प्लेटफार्म में खडी ट्रेनों को निशाना बनाता था, जो अगली जरनी से पहले मेंटीनेंस के लिए जाती हैं। पुलिस का दावा है कि पहले आरोपी ट्रेन की गद्दी ब्लेड से काटता था। इसके बाद पेट्रोल से भीगे कपडे के जरिए इसमें आग लगा देता था। ये उसकी तीसरी घटना थी। ऋषिकेश—हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई थी। जबकि बाकी दोनों ट्रेनों में आग नहीं लग पाई, जिससे बडा हादसा होने से टल गया।

—————
क्यों करता था आरोपी ये काम
पुलिस ने बताया कि आरोपी गोविंद सिंह काफी समय पहले अपने गांव से हरिद्वार आ गया था। लेकिन यहां उसके पैसे चोरी हो गए। इसके बाद वो यहां होटल में काम करने लगा। इस दौरान उसने कुछ पैसे एकत्र किए जिसे वो बैंक में जमा कराने गया। लेकिन बैंक एकांउट नहीं खोला गया, क्योंकि उसके पास कोई दस्तावेज नहीं था। इससे परेशान युवक ने आग लगाने का काम किया। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.