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लॉकडाउन: दो महीने से हरिद्वार की सड़कों पर भटक रही दिल्ली की बुजुर्ग महिला, बेटे हैं कारोबारी

चंद्रशेखर जोशी।
लॉकडाउन के कारण एक ओर जहां हरिद्वार में यूपी, बिहार और बंगाल के प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं और अपने घरों को जाने के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे ही भी हैं जो लॉकउाउन से पहले हरिद्वार गंगा स्नान करने या फिर अन्य कारणों से आए लेकिन हरिद्वार में ही फंस गए और अभी तक भटक रहे हैं। ऐसी है दिल्ली के बवाना की रहने वाली है 85 साल की सुरेशो देवी जो लॉकडाउन से पहले हरिद्वार में हर साल की तरह गंगा स्नान करने आई थी। लेकिन लॉकडाउन के कारण हरिद्वार में फंस गई और आज तक हरिद्वार की सडकों पर भटक रही है और वापस नहीं जा सकी है।
जबकि बुजुर्ग महिला के दो बेटे हैं दोनों दिल्ली में रहते हैं और एक को दिल्ली के कश्मीरी गेट में आॅटो स्पेयर का बिजनेस करते हैं। जबकि दो लडकियां है एक मेरठ कैंट में रहती है और दूसरी कानपुर में रहती है। बावजूद इसके महिला को कोई लेने नहीं आ रहा है और ना ही महिला को दिल्ली जाने का कोई साधन मिल पा रहा है। महिला इतनी परेशान है कि अगर कोई उससे पूछता है​ कि उसे कहां जाना है तो वो गुस्से में बताती है कि हजारों बार बता चुकी हूं कि मुझे कहां जाना है लेकिन कोई मेरी मदद को तैयार नहीं हो रहा है।

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भल्ला स्टेडियम में पिछले चार दिन से भटक रही है वृद्धा
सुरेशो देवी ने बताया कि वो गंगा स्नान करने आई थी लेकिन यहां ही फंस गई, इसके बाद वो सडक किनारे रह रही थी। कुछ दिन पहले दुकान का शटर खोलते हुए उसके सर पर चोट भी लग गई थी। बाद में उसे किसी ने बताया कि भल्ला स्टेडियम से बसें मिल रही है। इसके बाद वो भल्ला स्टेडियम पहुंच गई। यहां चार दिनों से खुले आसमान के नीचे रह रही थी। सुरेशो देवी ने बताया कि उसके के दो बेटे मुकेश और महेश कुमार है। दोनों बेटे अपने साथ नहीं रखते हैं हालांकि वृद्धा को खर्चा दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर एक बेटे मुकेश कुमार की दिल्ली के कश्मीरी गेट पर आॅटो स्पेयर का बिजनेस हैं। वृद्धा ने बताया कि उसे या तो दिल्ली भेज दिया जाए या फिर मेरठ।

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