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दावेदार—’आदेश नाकाम विधायक, मैं दे सकता हूं विकल्प’

हरिद्वार की रानीपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस की ओर से भेल के श्रमिक नेता राजबीर सिंह चौहान दावेदारी पेश कर रहे हैं। वो पिछले तीन चुनावों  से बीएचईएल की सबसे बडी यूनियन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके अलावा उनका ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छा दखल माना जाता है। वो ठाकुर जाति से आते हैं जो इस सीट पर निर्णायक भूमिका में हैं। वो एक अच्छे वक्ता भी माने जाते हैं। आइये जानते हैं, उनसे कि आखिर उन्हें ही पार्टी टिकट क्यों दें।

प्रश्न— पार्टी आपको ही टिकट क्यों दें, ऐसी आप में वो क्या बात हैं।

उत्तर— मैं भेल श्रमिक हूं और श्रमिकों की आवाज उठाता रहा हूं। भेल से जुडा हुआ रानीपुर सीट पर करीब पचास हजार वोटर हैं, जिसमें पूर्व कर्मचारी, उनका परिवार, भेल से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुडे लोग शामिल हैं। जिनसे मेरा सीधा संवाद है। इसके अलावा मैं लगातार समाज के सबसे निचले तबके से जुडा रहा हूं। मैं ग्रामीण पृष्ठभूमि से हूं और समाज के सभी वर्गों की नुमाइदंगी कर रहा हूं। मुझे श्रमिक संगठन चुनाव और भेल सामुदायिक चुनाव में सभी वर्गों का समर्थन मिला हैं। मेरा लोगों से पारिवारिक संबंध हैं। इसलिए मुझे टिकट दिया जाना चाहिए।
प्रश्न— मौजूदा विधायक आदेश चौहान के कार्यकाल को आप किस तरह आंकते हैं।

उत्तर— मौजूदा विधायक ओदश चौहान का कार्यकाल निराशाजनक रहा हैं। ये मैं नहीं कह रहा हूं ये रानीपुर की जनता कह रही है। उन्होंने विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। गांव हो या शहर सब जगह की सडके टूटी हुई हैं। असल में आदेश चौहान में विकास की समझ ही नहीं हैं। वो तो सिर्फ जन्मदिन और शादी के समारोहों में शिरकत करने तक सीमित हैं। शिवालिक नगर, सुभाष नगर, टिहरी विस्थापित और ग्रामीण क्षेत्रों की हालत बेहद खराब है। आदेश चौहान जहां रहते हैं वहां भी उन्होंने काम नहीं किया है।
प्रश्न— श्रम संगठन के चुनावों का मिजाज अलग होता है और राजनीतिक चुनाव अलग। आपके जतीय समीकरण क्या है।

उत्तर— हमारे सभी श्रम ​संगठन एक राय बना चुके हैं, हम चाहते हैं रानीपुर सीट पर इस बार हमारे बीच से ही उम्मीदवार बने। मुझे वो चाहते हैं ​कि मैं उनकी रहनुमाई करूं। जहां तक बात है जातीय समीकरण कि मैं सभी वर्गों में मेरी पकड़ है। लेकिन, चूंकि मैं ठाकुर हूं और ठाकुरों का इस सीट पर करीब 25 हजार वोट है। पिछली बार तीन ठाकुर उम्मीदवार थे, जिनमें से अधिकतर आदेश चौहान पर पडे थे। आज वो आदेश चौहान से नाराज है। इस बार मुझे टिकट मिलता है तो ठाकुरों के पास विकल्प होगा। मैं सभी वर्गों का ख्याल रखूंगा।

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प्रश्न— आप पांच काम बताइये जो आपने रानीपुर के लिए किए हैं।

उत्तर— रानीपुर में सड़कों की दुर्दशा को ठीक करने के लिए मैंने आदेश चौहान को कई बार कहा, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इसके बाद मैं सीएम हरीश रावत के पास प्रस्तोव लेकर गया। बेरियर नंबर छह से लेकर महदूद तक रोड को पास कराया है। टिहरी विस्थापित कॉलोनी से शिव मंदिर से लेकर नहर तक मैंने प्रस्ताव पास कराया। टीरा गांव में भी सडक का प्रस्ताव पास कराया। शिवालिक नगर की पांच कलस्टरों की लड़कों को पास कराया। जगजीतपुर में भी टाइल्स सडक को पास कराया। इसके अलावा मैं लगातार रानीपुर की जनता की मदद करता हूं। मैं भेल में हर तरह की मदद करता हूं। हजारों बच्चों की मैं मदद कर चुका हूं। इसक़े अलावा मैं सभी के दुख दर्द में खडा रहता हूं।
प्रश्न— क्या आपको लगता है कि बिना पैसे के राजनीति नहीं हो सकती है।
उत्तर— नहीं मैं ऐसा नहीं मानता हूं। बिना पैसे के भी राजनीति हो सकती है। कोई जनता का आदमी है तो उसे पैसे की जरूरत नहीं होती है। पैसे की जरूरत उसे पडती है जो जनता के बीच नहीं रहता है जो जनता के दुख दर्द को नहीं समझता है। ऐसा व्यक्ति चुनाव नहीं जीत सकता है।

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प्रश्न— रानीपुर की प्रमुख समस्याएं क्या हैं, ​जिन्हें आप विधायक बनने के बाद पूरा करेंगे।

उत्तर— मैं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करूंगा। एक तकनीकी कॉलेज की सख्त आवश्कयता है। इससे रानीपुर के साथ—साथ पूरे हरिद्वार के युवाओं को रोजगार के अवसर खुलेंगे। इसके अलावा मैं एक उच्च स्तरीय अस्पताल के लिए काम करूंगा ताकि लोगों को आसानी से इलाज उपलब्ध हो जाए। मैं रानीपुर क्षेत्र की सभी सड़कों को बना दूंगा, ये मेरा वायदा है।

प्रश्न— आप श्रमिकों की राजनीति करते हैं, लेकिन सिडकुल में श्रमिकों का बडे पैमाने पर शोषण हो रहा है। आप वहां क्यों नहीं बोलते हैं।

उत्तर— ये मामला मेरे संज्ञान मे है। श्रमिकों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा हैं उनसे ओवर टाइम कराया जा रहा है। एक्स्यूक्यूटिव पदों पर स्थानीय लोगों की भर्ती नहीं हो रही है। मैंने श्रमिक हितों के लिए दो बार सिडकुल में धरना किया है। मैं श्रमिकों के हितों में काम करूंगा, ये मेरी प्राथमिकता होगी।

प्रश्न— रानीपुर में कांग्रेस के सबसे ज्यादा उम्मीदवार हैं, अंबरीष कुमार अगर निर्दलीय लडेंगे तो कांग्रेस को नुकसान होगा।

उत्तर— ऐसा नहीं है कांग्रेस के जो भी दावेदार हैं सबकी एक राय है। जिसे भी टिकट मिलेगा हम सब उसके लिए काम करेंगे। पार्टी जिसे टिकट देगी हम उसी के साथ काम करूंगा। जहां तक बात है अंबरीष कुमार कि उनका एक ही इतिहास रहा, वो टिकट ना मिलने पर भी चुनाव लडते हैं। पार्टी की विचारधारा से उनका कोई लेना देना नहीं है। फिर भी पार्टी उनको टिकट देती है तो मैं पार्टी के लिए काम करूंगा। टिकट ना मिलने पर अगर वो निर्दलीय लडते हैं तो उन्हें इस बार वोटों के लाले पड जाएंगे।
प्रश्न— आप पर आरोप है कि आप भेल में इंटक के खिलाफ चुनाव लडे और अपने संगठन को नंबर एक पर ले आए और इंटक रसातल में चली गई।

उत्तर— ऐसा नहीं है ये हमारी मजदूर विंग हैं। हमारी विचारधारा एक हैं और हम श्रमिकों के हितों के लिए लड़ते हैं। मजदूर विंग का पार्टी से सीधे संबंध नहीं होता है। यहां श्रमिकों के हित प्रभावी होते हैं। और मैं अपनी विचारधारा और श्रमिकों के लिए हमेशा कर्तव्यबद्ध रहा हूं।

One Reply to “दावेदार—’आदेश नाकाम विधायक, मैं दे सकता हूं विकल्प’

  1. राजबीर भाई को टिकट मिलना चाहिए । कुछ नेताओ के वास्तव में नाम बड़े और दर्शन छोटे हो चुके है , लेकिन राजबीर भाई अलग व्यक्तिव के इन्शान है और हर आदमी से दिल से जुड़े हुए है, हमेशा लोगो की समस्या के निवारण के लिए सबसे आगे रहते है ।

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