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हरिद्वार: डेंगू के बाद अब इस जानलेवा बीमारी ने पसारे पैर, जानिये बचाव के तरीके

कमल खड़का।
हरिद्वार में डेंगू के साथ—साथ एक और बिमारी ने घर बना लिया है। अब तक इसके दर्जनों मरीज सामने आ चुके हैं। अकेले जिला अस्पताल में 14 मरीज भर्ती हैं। जो हरिद्वार के शहरी मलिन बस्तियों और मध्य हरिद्वार के इलाकों से आए हैं। इस बीमारी का नाम हैं स्क्रब टाइफस। हालांकि हरिद्वार में स्क्रब टाइफस के मरीज हर साल सामने आते हैं। लेकिन इस बार पहली बार इतनी संख्या में ज्यादा मरीज सामने आए हैं। जिला असपताल के मुताबिक शिवालिक नगर निवासी एक महिला को तबीयत बिगडने पर रैफर भी किया गया है। वहीं डेंगू के भी लगातार मरीज सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में उेंगू के छह मरीज भर्ती हो चुके हैं। जबकि दर्जनों ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है या फिर निजी अस्तपालों में भर्ती हैं। हालांकि इसके लक्षण भी काफी हद तक डेंगू की तरह ही हेाते हैं और लापरवाही के कारण ये जानलेवा भी साबित हो जाता है।

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क्या है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस एक कीडे के काटने से होता है। जो झाडियों में पाया जाता है। घर के अहाते या आंगन में घास फूस में भी ये रहने लगता है। हरिद्वार में इन दिनों जगह जगह गंदगी हैं और कांवड मेले के बाद सफाई ना होने के कारण भी ये बढ रहा है।

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क्या हैं इसके लक्षण
— सिरदर्द
— तेज बुखार
— कंपकंपी आना
— चक्कते पडना
— सूखा बलगम
— उल्टी और जी मचलाना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं

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क्या करें बचाव
रवि डायगो​नोस्टिक लैब रानीपुर मोड हरिद्वार के डा. रविकांत शर्मा ने बताया कि ऐसे इलाकों में जाने से बचना चाहिए जहां गंदगी हैं या फिर घास—फूस वाले इलाके है। अपने घरों के आस—पास सफाई रखनी चाहिए। साथ ही पूरी बाजू की शर्ट और पैंट पहने। खासतौर पर बच्चों को ऐसे इलाकों में जाने से बचाएं। उन्होंने कहा कि इसका पता खून की जांच से चल जाता है। लेकिन, डेंगू और स्क्रब टाइफस में जांच बुखार के करीब चार से पांच दिन बाद करानी चाहिए। तभी सही परिणाम आते हैं।

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