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विकास का विनाश: हरिद्वार के इस गांव का पानी हुआ खराब, पीने लायक नहीं रहा पानी

चंद्रशेखर जोशी।
हरिद्वार में हुए औद्योगिक विकास का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड रहा है। सबसे ज्यादा असर सिडकुल हरिद्वार के आस—पास के गावों में रहने वाले लोगों को झेलना पड रहा है। ऐसा ही एक गांव है सलेमपुर—दादूपुर यहां ग्राउंड वॉटर पूरी तरह खराब हो चुका है। आलम ये है कि पीने के लिए पानी या तो खरीदना पडता है या फिर दूसरे इलाकों से रात को ढोने को मजबूर होना पड रहा है। करीब बीस हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में पानी पीला पड गया है। यहां तक कि बर्तन और कपडे भी पीले हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिडकुल की कंपनियां बिना ट्रीट किए पानी सीधे जमीन के अंदर डाल रहे हैं इससे पानी खराब हो गया है। आलम ये है कि अपर गंगा कैनाल के ठीक किनारे बसा से गांव पानी के लिए परेशान हैं।
स्थानीय निवासी और जिला पंचायत हरिद्वार के उपाध्यक्ष राव आफाक ने बताया कि पिछले कई सालों से पानी खराब है। यहां का पानी पीने के ​लायक नहीं रहा है। अगर कोई लगातार इस पानी को पी ले तो पेट खराब हो जाता है। यहां के अधिकतर लोग पेट की बिमारियों से दो चार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीना तो छोडिये यहां पानी से आप बर्तन और कपडे भी नहीं धो सकते हैं। बर्तन पीले हो जाते हैं और कपडे पहनने लायक नहीं रहते। उन्होंने बताया कि पीने का पानी बाजार से खरीदना पडता है।
गरीब लोग दूसरे इलाकों से पानी लाते हैं। वो आरोप लगाते हैं कि सिडकुल के कारण हमारा गांव पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गया है। यहां पर्यावरण को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। जबकि सिडकुल में स्थित कंपिनयां पर्यावरण को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं है। उन्होंने बताया कि यही हालत रही तो लोगों को यहां से पलायन करने को मजबूर होना पडेगा।
हालांकि पानी की समस्या का समाधान करने के लिए यहां ओवरहैड टैंक बनाने का काम जारी है। लेकिन ये लंबे समय तक साफ पानी दे ऐसा नहीं लगता है। स्थानीय लेागों का मानना है कि जब तक सिडकुल की कंपनियों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक ऐसा ही चलता रहेगा।
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गिर गए प्रोपर्टी के दाम
हाई—वे पर होने के बावजूद सलेमपुर गांव में प्रोपर्टी कारोबार का बुरा हाल है। सिडकुल आने के बाद यहां कई कॉलोनियां काटी गई। लेकिन आज कोई जमीन खरीदने वाला नहीं है। जिन लोगों ने यहां इनवेस्ट किया था उनको भी रीसेल करने पर अच्छी कीमत नही मिल रही है। ये सब पानी और प्रदूषण के कारण हुआ है। स्थानीय निवासी बख्तावर खान ने बताया कि अगर यही हाल रहा तो लोगों को सडकों पर उतरकर प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पडेगा। सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से इस संबंध में सुधार करने की मांग की है।

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