Jyotish

मां गंगा आह्वान अखाड़ा की कथा का समापन हुआ

12171da6-2c15-48ba-ab07-57e1a2d779b1

ब्यूरो
माँ गंगा आह्वान अखाडा द्वारा अपने कुम्भ मेला सेवा शिविर में चल रही माँ गंगा की कथा के पांचवे व अंतिम दिन कथा व्यास माँ गंगा के वरद पुत्र पंडित रविन्द्र जी सेमवाल व गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रकाश जी महाराज माँ गंगा की प्रतिक छड़ी (डोली) सहित कथा पंडाल में पधारे वैदिक मन्त्रों उच्चरण एवं वाध्य यंत्रों से छड़ी पूजन कर माँ गंगा की कथा को आगे बढाते हुए बताया कि राजा भगीरथ ने कठोर तप कर सप्तलोक से पतित पाविनी माँ गंगा को सगर पुत्रों और हम सबके उद्धार के लिए धरती पर लाये और माँ गंगा हमारे पितरों का उद्धार और हर जिव का उद्धार करती है यह माँ मोक्ष दायिनी अपने पुत्रों को बिना किसी भेद-भाव के मरने के उरांत भी अपने आँचल में समेटती है, गंगा की शरण में जाने वाले हर प्राणी के सरे दुःख कष्ट दूर हो जाते है सुख शांति और कुल यक्ष को प्राप्त होता है जैसा भगीरथ जी प्राप्त हुए, राजा भगीरथ की जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है, राजा भगीरथ भी पूजनीय है जिनकी आज भी विधिवत पूजा अर्चना श्री गंगोत्री धाम में अन्य देवों के साथ की जाती है और उनकी मूर्ती भी स्थापित है व्यास जी ने कहा कि मोक्ष दायिनी माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर जगत को तारने ही आई है और हम सब यह प्रार्थना करते है कि माँ गंगा हमें अपने चरणों में लगा लें बीएस इतना ही उपकार कर दें माँ गंगा पतित पाविनी है, पाप नाशिनी, मोक्ष दायिनी है माँ गंगा की अपार महिमा है यही वजह है कि माँ गंगा जिन जिन देव स्थलों से होकर गुजरी उन्होंने उन स्थानों की महिमा हजारों गुना और बढा दी, कहा कि जिन्होंने माँ गंगा की कथा का अमृत पान प्राप्त किया वह भी भाग्यशाली है कथा को विराम देते हुए कथा व्यास एवं श्री गंगोत्री धाम के रावल द्वारा विधिवत माँ गंगा भक्तों के साथ हो रहे यज्ञ को पूर्णाहुति दी इसके पश्चात् सभी माँ गंगा भक्त सेवा शिविर से नीलधारा गंगा घाट पहुंचे वहां माँ गंगा की पूजा अर्चना कर माँ गंगा से कल्याण की कामना की और संतो, श्री रावल व कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया तत्पश्चात सेवा शिविर में माँ गंगा की प्रतिक छड़ी का विधि-विधान से आरती कर माँ गंगा भक्तों को प्रसाद वितरण किया तथा सभी का आभार प्रकट किया !
इस दौरान मुख्य रूप से मातृ-सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानन्द जी महाराज, ब्र. दयानंद जी, ब्र. पूर्णानंद, तथा संस्था के महंत प्रेमपुरी, अजय शर्मा, रामेश्वर गौड़, घनश्याम सांखला. अचिंत कुमार गुप्ता, गुप्ता, रौनी शर्मा, ठाकुर सिंह, जेपी बडोनी, अश्वनी सैनी, दिनेश चन्द्र जैन, भागीरथ गहलौत, हैप्पी शर्मा, राजेन्द्र जोशी, श्री महेश गौड़, वीर सिंह, शिव कुमार शर्मा, डॉ दीपक शर्मा, पंडित कमलेश कान्त कुकरेती, पंडित शंकर सुमन, श्री रमेश भाई ठाकर, पंडित सुरेश तिवारी, पंडित रविन्द्र थपलियाल. पंडित मनोज केष्ट्वाल,पंडित मनोज सेमवाल, कार्तिकेय शुक्ला, रमेश माली, भगवती प्रसाद डिमरी, पंडित निर्मल बेलवाल, पंडित महेश जोशी, वासु सिंह, सुधांशु मिश्र, श्री सतीश पाण्डेय, आदि माँ गंगा भक्त शामिल रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.