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‘मोदीजी हमारे वोट और नोट के बदले जीएसटी की चोट क्यों’ सडकों पर व्यापारी

चंद्रशेखर जोशी।  
वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी को लेकर व्यापारियों ने आर—पार की लडाई का ऐलान कर दिया है। व्यापारी पिछले काफी दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को भी व्यापारियों ने सडकों पर उतरकर प्रदर्शन किया।  व्यापारियों का आरोप है कि सरकार आधी—अधूरी तैयारी के साथ जीएसटी को ला रही है। साथ ही छोटे व्यापारियों का कोई ख्याल नहीं रखा गया है।
गौरतलब है कि एक जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा। इसको लेकर पिछले काफी समय से व्यापारियों का एक तबका विरोध कर रहा है। इसमें अधिकतर छोटे व्यापारी हैं। व्यापारी नेता संजीव नैयर, शिव कुमार कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तानाशाही रूप से 1 जुलाई से जीएसटी को लागू करना व्यापारियों के हित में नहीं है। यह सिर्फ चुनिन्दा उद्योगपतियों का फायदा पहुंचाने वाला है। इसके लागू होने से महंगाई को बढ़ेगी छोटे व मध्यम वर्ग के लोगों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। व्यापारी नेता संदीप शर्मा ने कहा कि व्यापारी हित की बात करने वाली केन्द्र सरकार यह सारे निर्णय छोटे एवं मध्यम व्यापारी के विरुद्ध कर रही है। नोटबंदी के बाद जिस तरह पहले से ही मंदी की मार झेल रहे व्यापारी जीएसटी लागू होने के बाद बर्बादी की ओर चले जायेगें। वरिष्ठ व्यापारी नेता कैलाश केसवानी ने कहा कि जिस प्रकार केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने का फरमान जारी किया गया है वह व्यापारियों के लिए कई दिक्कतें उत्पन्न कर देगा और व्यापारियों के आगे रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न खड़ी हो जाएगी। व्यापार करना काफी कठिन हो गया है कम पढ़ा लिखा व छोटा व्यापारी हिसाब किताब रखने में कठिनाई महसूस कर रहा है। सारे नियम व कायदे व्यापारियों का लागू किये जा रहे हैं। सरकार ने व्यापारियों को सिर्फ टैक्स वसूलने की मशीन समझ लिया है। सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध व्यापारी अब खामोश नहीं बैठेंगे। व्यापारी नेता प्रदीप चौधरी ने कहा कि छोटे-छोटे व्यापारियों को बर्बाद कर जश्न मनाने वाली इस व्यापारी विरोधी सरकार की जिनती निन्दा की जाये वह कम है। कमल बृजवासी ने कहा कि सरकार जीएसटी लाकर पहले से परेशान छोटे व्यापारियों का शोषण व उत्पीड़न करके बड़े उद्योग घरानों का फायदा पहुंचाना चाहती है। सुरेश गुलाटी ने कहा कि जीएसटी विरोध है सरकार छोटे व्यापारी पर जबरदस्ती इसको लागू कर उसका उत्पीड़न कर बड़े-बड़े मोल व बड़े उद्योग पतियों को बढ़ावा देना चाहती है। प्रदर्शन करने वालों में संजय अग्रवाल, संदीप शर्मा, अजय जैन, सुरेन्द्र जैन, मनोज सिंघल, मुकेश भार्गव, सुरेश बंसल, राकेश खन्ना, हरीश शर्मा, राजकुमार गुप्ता, पंकज टंडन, प्रदीप, अनुज तोमर, प्रद्युमन अग्रवाल, महेन्द्र अरोड़ा, राजन कौशिक, अरूण राघव, संजय गोयल, गुलशन अरोड़ा, आदि शामिल रहे। गौरतलब है कि लघु व्यापारी वर्ग परपंरागत तौर पर भाजपा का वोट बैंक रहा है। ये वर्ग भाजपा को वोट के साथ—साथ आर्थिक सहयोग करने से भी पीछे नहीं हटता है।

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