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गुजरात आश्रम में सीवर का पानी, मंत्री—मेयर ने नहीं सुनी समस्या, देखें वीडियो

राकेश वालिया, हरिद्वार।
झालावाड़ गुजरात आश्रम आनंदवन सप्तसरोवर गली नं0-5 के आश्रम में सीवर का गंदा पानी भरने से आश्रम में निवास कर रहे श्रद्धालुजनों एवं आश्रम संचालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीवर के गंदा पानी आश्रम के परिसर में भर गया है। आश्रम में बनी रसोई में एक फुट सीवर का गंदा पानी भरने से रसोई के कार्य भी ठप्प हो चुके हैं। रसोई एवं आश्रम के मकानों में गंदा पानी भरने से रोजमर्रा के कार्य नहीं हो पाये। स्वामी अनुभवानंद झालावाड़ गुजरात आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी साधनानंद महाराज ने नाराजगी जताते हुए बताया कि तीन दिन से लगातार आश्रम के प्रांगण में भारी मात्रा में सीवर का गंदा पानी प्रवेश कर रहा है। सीवर उफनने से यह समस्या उत्पन्न हुई। नगर निगम के आला अधिकारियों को भी आश्रम में गंदा पानी के प्रवेश की सूचना दी गई लेकिन जे0ई0 मुकेश कुमार द्वारा भी कर्मचारियों की कमी का हवाला दे दिया गया। मेयर मनोज गर्ग से सीवर के गंदे पानी भरने की बात कही गई उनके द्वारा भी बाहर होने की बात कह दी गई है। स्वामी साधनानंद महाराज ने कहा कि तीन दिन से आश्रम में खाना नहीं बनाया गया है। सड़न बदबू से बुरा हाल है। मंदिर प्रांगण में भी पूजा पाठ करने में परेशानी हो रही है। नगर निगम के कर्मचारियों ने तीन दिन से कोई सुध नहीं ली। उन्होने कहा कि बिमारी की पूरी सम्भावनायें बनी हुई है। कमरे व रसोई में सीवर का गंदा पानी एक फुट के करीब भर गया है।

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आश्रम के प्रांगण मंे भारी मात्रा में गंदा पानी बह रहा है लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। जिस पर स्वामी साधनानंद महाराज ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से फोन पर समस्या से अवगत कराया उन्होंने कहा कि सम्बन्धित विभाग के जे0ई0 व अन्य कर्मचारियों से आश्रम में सीवर उफनने के कारण पानी भरने की सूचना दी गई तीन दिन पश्चात भी किसी भी कर्मचारी ने आश्रम में सीवर के भरे पानी की सुध नहीं ली। जबकि आश्रम में कई शिष्य रहते हैं। बाहर से श्रद्धालु भक्त भी रूके हुए हैं तीन दिन से खाना रसोई में नहीं बन पाया है। जिसके चलते सभी का बुरा हाल है। लेकिन समस्या से विभाग के कर्मचारी अधिकारी अन्जान बने हुए हैं। हितेन्द्र देवी, कुन्ती माता का कहना है कि ऐसे में तो आश्रम में ठहरे लोग बीमार पड़ सकते हैं। नगर निगम के कर्मचारियों को आश्रम की सुध लेनी चाहिये।

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