युवा तुर्क

‘राजनीति में अमीर लोगों को ही मिलते हैं बड़े पद’

यूथ कांग्रेस के मीडिया कोर्डिनेटर अथर अंसारी को राजनीति में आने की प्रेरणा परिवार से मिली है। लेकिन वो राजनीति में भाई—भतीजावाद और मनी पॉवर की सच्चाई से भागते नहीं है। बल्कि इसे स्वीकार कर रहे हैं। आईये जानते हैं वो राजनीति के बारे में क्या सोचते हैं।

प्रश्न— राजनीति में युवाओं की भूमिका किस तरह देखते हैं?
राजनीति में युवाओं की भूमिका उस तरह से है जैसे आजादी के समय भगत सिंह और सुखदेव व राजगुरु की थी। युवा ही अपने मजबूत कंधो पर देश का भर उठा सकते है। तभी देश की हिफाजत करने वाले सैनिकों को जवान कहते है। और इसी लिये पूर्व प्रधानमंत्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। युवा ही देश की राजनीति की दिशा और दशा को बदल सकते हैं।

प्रश्न— आपको राजनीति में आने के लिए किससे प्रेरणा मिली?
अपने दादा जी से जो की एक समाज सेवक थे। मैं बचपन से ही उन के साथ रहा हूँ। और मै ने उन से ही सीखा है। सच बोलना और हक़ काम करना चाहे वो गरीब के लिए हो या अमीर के लिए। हमेशा सच व हक़ का साथ दो।

प्रश्न— आपकी शुरूआत छात्र राजनीति से हुई या किसी और कारन से राजनीति में आए हैं या फिर सीधे ही सक्रिय राजनीति में आए हैं?
मेरे दादा जी मुंशी कासिम समाज सेवक थे। और कांग्रेस मै जिला महा सचिव भी रहे और मेरी अन्सारी बिरादरी के चौधरी भी थे। उन के जाने के बाद मेरे पिताजी भी चौधरी हैं। और मेरा पूरा परिवार शुरू से ही सक्रिय राजनीति मैं रहा है। मेरे परिवार के सदस्य सभासद भी रहे चुके है। और मैं छात्र राजनीती मै तो इतना सक्रिय नहीं रहा हाँ अपने समाज मै और अपने क्षेत्र में व युवा राजनीती मै बहुत सक्रिय रहता हूं।

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प्रश्न — आप को राजनीति में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
राजनीती खुद एक चुनौती है। यहाँ बड़ी मछलियां छोटी मछलियों को खा जाती हैं। और हमारे जैसे युवा अगर समय समय पर अपनी ताकत का उन बड़ी मछलियो को एहसास ना कराये तो कभी का निगल दिया जाता और मुझे भाई—भतीजा जाति, धर्म सभी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा।

प्रश्न —राजनीति में आने के लिए आपको परिवार में सबसे ज्यादा सहयोग किससे मिला?
पूरे परिवार का खास तौर पर मेरे दादा जी व मेरे पिता जी का सहयोग ​मुझे मिला।

प्रश्न —राजनीति में आपका रोल मॉडल कौन है?
मेरे रोल मॉडल मै पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी जी हैं। जिन्होंने भारत कंप्यूटर क्रान्ति की शुरूआत की।

 

 

प्रश्न —क्या बिना पैसे के राजनीति में अच्छा मुकाम मिल सकता है?
बिना पैसे के तो साहब गाड़ी भी नहीं चलती। ये तो फिर राजनीति है। हाँ ये सच है बिना पैसे के आप संगठन में अच्छा मुकाम हासिल नहीं कर सकते चाहे कोई भी पार्टी हो सब यही पूछते है, आप के पास घोडा गाड़ी है या नहीं और सभी पार्टियों में बड़े व ऊँचे पद लग्जरी गाडियों वालो को ही मिलते हैं। चाहे आप खुद सर्वे करा कर देख लें । पर हाँ आप समाज मै सेवा कर के एक अच्छा मुकाम जरूर हासिल कर सकते हैं। जय प्रकाश नारायण जैसा जो सभी तरह के पदों से बड़ा होता है।

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प्रश्न —क्या भाई—भतीजावाद के सामने युवा प्रतिभा दम तोड रही हैं?
हाँ बिलकुल ये समस्या सभी पार्टियों में है। हर एक पार्टी का नेता अपने ही परिवार को बढ़ाना चाहता है। जिस से मेहनत करने वाले युवाओं के सपने चकना चूर हो रहे हैं।

प्रश्न —आपके आय के स्रोत क्या हैं, पैसे की किल्लत के कारण कभी परिवार में डांट पड़ती है?
मेरा खुद का कारोबार है। परिवार से डांट नहीं मार्गदर्शन मिलता है।

प्रश्न —आपको मुख्यमंत्री बना दिया जाए, तो आप कौन सा एक काम करना चाहेंगे, जिसके लिए आपको प्रदेश की जनता याद रखे?
ये भाई भतीजावाद करने वाले नेता और विधायक अच्छे पद पर तो बैठने नहीं देते आप बात कर रहे हो मुख्यमन्त्री की। चलो फिर भी आप की बात का जवाब ही देता हूँ। इस प्रदेश के हर एक युवा को उस का हक़ और उस का सम्मान वो किसी भी फील्ड का हो।

प्रश्न —क्या आप अपने अब तक के राजनीति करियर से संतुष्ट हैं?
हाँ, मैं संतुष्ट हूं।

प्रश्न —आपकी रूचि क्या—क्या हैं?
समाज सेवा करना

प्रश्न —आपके पसंदीदा लेखक, एक्टर, एक्ट्रेस, खिलाड़ी और पत्रकार का नाम बताएं?
ग़ालिब की लिखी हुई सायरी मुझे जादा पसन्द है। एक्टर दिलीप कुमार और एक्ट्रेस रेखा और खिलाड़ी ओसेन बोल्ट और पत्रकार रवीश कुमार अच्छा लगता है।

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